4,000 से अधिक मदरसों की ATS जांच पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, याचिका खारिज
- By Gaurav --
- Saturday, 04 Jul, 2026
Allahabad High Court Refuses to
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में संचालित 4,000 से अधिक गैर-सहायता प्राप्त मदरसों के वित्तपोषण की एटीएस जांच पर रोक लगाने से इनकार करते हुए संबंधित याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक शरण की खंडपीठ ने मदरसा प्रबंधन समिति और टीचर्स एसोसिएशन, मदरसा अरबिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं ने नौ दिसंबर 2025 के उस सरकारी आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) के माध्यम से मदरसों के वित्तपोषण की जांच शुरू की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि इसी प्रकार की जांच पहले भी दो बार हो चुकी है और उसमें उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल तथ्य सामने नहीं आया। उनका तर्क था कि मौजूदा जांच केवल उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है, इसलिए इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को बताया कि यह जांच केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न खुफिया सूचनाओं के आधार पर राज्य के 4,000 से अधिक संस्थानों के वित्तपोषण की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कोई दंडात्मक या जबरन की जाने वाली कार्रवाई नहीं है और संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच को जबरन या दंडात्मक कार्रवाई नहीं माना जा सकता। इसलिए इस स्तर पर न्यायालय हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता जांच समिति के समक्ष अपना जवाब दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं और यदि कोई जवाब प्रस्तुत किया जाता है, तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि यह जांच खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू की गई थी, जिनमें कुछ संस्थानों को कथित रूप से विदेशी चंदा मिलने तथा आय के सत्यापित स्रोतों और वित्तीय दस्तावेजों के बिना बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जाने के आरोप शामिल हैं। जांच अभी जारी है।